रे कन्हैया💖💖
कन्हैया रे !💖 💖 💖 💖 रे कन्हैया !! तेरी आँखों ने दिलाया भरोसा मुझे तेरी आँखों ने पूछा है प्रश्न मुझसे क्षमा जो कभी डिगा धैर्य मुझसे तुम जो हो संग तो सब कुछ है संभव तुम्हारे बिना है सब कुछ निष्फल मैं अज्ञानी मैं मूर्ख एक तेरे नाम के बिना कोई ज्ञान न जानूं कुछ मानूँ या न मानूँ कही कुछ पाऊं कि न पाऊं पर तुम्हे मेरे हृदय से न गवाऊँ तुम रहना सदा संग मेरे भटक भी जाऊँ तो जगाना मुझे कभी न छोड़ जाना मुझे हे रे कन्हैया अपनी इसी दृष्टि संग सदा देखना मुझे दिलाते रहना भरोसा मुझे जगाते ही रहना मुझे न सोने देना न डूबने देना मुझे तुम संग हो सदा बताते रहना मुझे हे कन्हैया।। श्रद्धा लेखन नीरजा राज कालरा 18 अगस्त 2022 प्रातः 1.36 बजे कनाडा